06 Jun 2017

स्वामीआयुर्वेद स्वास्थ्यसूत्रमाला - 8

आयुर्वेदोक्त आहार संकल्पना


Vaidya Somraj Kharche, M.D. Ph.D. (Ayu) 06 Jun 2017 Views : 694
Vaidya Somraj Kharche, M.D. Ph.D. (Ayu)
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आयुर्वेदोक्त आहार संकल्पना

आहार जीवन का एक अभिन्न अंग है। जीवन परंपरा कायम बनाये रखने के लिए भोजन अति आवश्यक है।अगर आदमी को भूख ही नही लगती तो शायद संसार मे क्रिया कलाप ही न होता। इस भूख को संतुष्ट करने के लिए आहार परम आवश्यक है। पर यही आहार अगर विधिवत नही लिया जाता......

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06 Jun 2017

स्वामीआयुर्वेद स्वास्थ्यसूत्रमाला - 7

क्यूँ सबका कोलेस्टेरॉल बढता है आजकल?


Vaidya Somraj Kharche, M.D. Ph.D. (Ayu) 06 Jun 2017 Views : 760
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क्यूँ सबका कोलेस्टेरॉल बढता है आजकल?

हॉस्पीटल के बाह्यरुग्ण विभाग (OPD) मे आनेवाले 10 रुग्णों मे से कम से कम एक रुग्ण का कोलेस्टेरॉल, ट्रायग्लिसराईड्स, एल. डी. एल. अर्थात लिपीड प्रोफाइल (Lipid profile) बढ़ा हुआ रहता है और मजे की बात तो यह है की यह बताते वक्त रुग्ण मे......

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06 Jun 2017

स्वामीआयुर्वेद स्वास्थ्यसूत्रमाला - 6

क्या आयुर्वेदिक औषधियोंके दुष्परिणाम होते है?


Vaidya Somraj Kharche, M.D. Ph.D. (Ayu) 06 Jun 2017 Views : 890
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क्या आयुर्वेदिक औषधियोंके दुष्परिणाम होते है?

एलोपैथी (आधुनिक चिकित्सा विज्ञान) पिछले कुछ शतकों से ही अस्तित्व में है। इसमें से पिछले 100 सालों में ही बहोत सी नई नई एलोपैथिक औषधियाँ बाजार में आई और जितनी आई उससे आधी तो विविध देशो की सरकारो द्वारा प्रतिबंधित की गई। इस प्रतिबन्ध का मुख्य कारण था ......

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06 Jun 2017

स्वामीआयुर्वेद स्वास्थ्यसूत्रमाला - 5

काला मुनक्का - भाग 2


Vaidya Somraj Kharche, M.D. Ph.D. (Ayu) 06 Jun 2017 Views : 1038
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स्वामीआयुर्वेद काला मुनक्का सेन्द्रिय पद्धती (organic method) से विकसित (cultivate) किया जाता है, जिससे उसमे प्राकृतिक गुणोपलब्धि अपनी चरमसीमा पर रहती है। यह काला मुनक्का विविध व्याधियों में उपयोग किया जाता है। ऐसी ही कुछ व्याधी तथा अवस्थाओं का वर्णन आपकी सेवा में प्रस्तुत है।

1) काला मुनक्का यह मधुर, गुरु, स्निग्ध् और बृहण होने के कारण सभी वात-पित्त के विकारों में उपयोग......

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06 Jun 2017

स्वामीआयुर्वेद स्वास्थ्यसूत्रमाला - 4

अंकुरित धान्य -सेवनयोग्य या अयोग्य?


Vaidya Somraj Kharche, M.D. Ph.D. (Ayu) 06 Jun 2017 Views : 2209
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अंकुरित धान्य -सेवनयोग्य या अयोग्य?

हरे मूँग, चना, मटकी, गेहू जैसे धान्यों को पानी मे भिगोकर या गीले कपडे में बाँधकर अंकुरित होने के बाद उसके तरह तरह के व्यंजन (recipes) बनाकर बनाकर आज खाये जाते है। कोई नाश्ते में कच्चे खाता है तो कोई सब्जी बनाकर मुख्य आहार मे लेता ......

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